Kolkata Rape/Murder case and SC:

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के वकील भी पेश हुए।

डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सीजेआई ने चिंता जाहिर की

कोर्ट ने कहा कि ये डॉक्टर की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि इस मामले में उनका मदद करेगा। कोर्ट ने कहा कि ये सिर्फ एक हत्या का मामला नही है।

सिब्बल ने कहा कि कुछ जो आरोप लगाए जा रहे है गलत है। तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। कोर्ट ने पूछा कि क्या हत्या का मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि नही नेचुरल मौत का मामला दर्ज किया गया। कोर्ट ने परिजन को डेड़ बॉडी सौपने में हुई देरी पर नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने एफआईआर देर से देर करने पर भी नाराज

अस्पताल के आस पास तोड़ फोड़ का मामला।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अस्पताल के आस पास 7000 के आस पास लोग जुटे थे।

पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करने पर कोर्ट नाराज

कोर्ट ने पूछा कि प्रिंसिपल क्या कर रहे थे ??

सीजेआई ने कहा कि इतना भयानक अपराध हुआ और क्राइम सीन को संरक्षित नहीं किया गया। पुलिस क्या कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पूरे मामले पर निगरानी करेंगे।

सीजेआई ने कहा कि हमने यह स्वत: संज्ञान इसलिए कि यह सिर्फ कोलकाता का एक भयावाह मामला नहीं है, बल्कि देश डॉक्टरों की सुरक्षा का मसला है। खासतौर पर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा और उनके वर्किंग ऑवर का मसला है और नर्सिंग स्टाफ, इस पर एक राष्ट्रीय सहमति बननी चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा हो, उन्हें संविधान में समानता मिली है।
हमारा फैसला है कि रेप पीड़िता का नाम तक नहीं सार्वजनिक किया जाना है और यहां तस्वीरें तक दिखा दी गईं।

कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल के रोल की जांच करने को भी कहा है।

सीजेआई ने डॉक्टर्स को कोर्ट पर भरोसा करने को कहा है

कोर्ट ने कहा कि सरकार हिंसा को क्यों नहीं रोक पाई। कोर्ट ने कहा है कि प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर बल प्रयोग न करें।

सीजेआई ने कहा कि क्रूरता ने अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है

कोर्ट ने डॉक्टर्स को काम पर वापस लौटने की अपील की है।

SC ने RG कर हॉस्पिटल की सुरक्षा CISF को सौंपी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तोड़फोड़ के बाद हम पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकते।

मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी

By @dmin

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