Delhi High Court Justice ‘s Curruption case and Supreme Court :

दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत एक जस्टिस का अजीबोगरीब मामले में तबादला हुआ है।

दरअसल एक जज के घर में आग लगी और करोड़ों रुपए बाहर निकले।इस पर अब CJI के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेकर इन जज का तबादला कर दिया है।

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप की वजह से हुआ ये तबादला हुआ है।

CJI के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सर्वसम्मति से ने लिया इस मामले में बड़ा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट से जस्टिस वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादला किया गया है।

अक्टूबर 2021 में जस्टिस वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाइकोर्ट हुआ था ट्रांसफर।

सूत्र के मुताबिक दिल्ली स्थित घर में लगी आग के बाद घर में बिखरे पड़े थे करोड़ो रुपए

उस करोड़ो रूपये के बेनामी होने की है संभावना

दिल्ली स्थित जस्टिस के बंगले में लगी थी आग , उसके बाद इस मामले का हुआ था खुलासा

अधिकारियों के द्वारा इस मामले में सीनियर अधिकारियों और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी को दी गई गई थी जानकारी

इस मामले में हो सकती है केंद्रीय जांच एजेंसी CBI समेत ED की इंट्री

जांच एजेंसी के सूत्र के मुताबिक है ये खबर

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में की जा सकती है आतंरिक तौर पर तफ्तीश के लिए की जा सकती है कमिटी का गठन।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।