कांग्रेसी विधायक से जुड़े मामले में जांच एजेंसी ED द्वारा 100 करोड़  के पार पहुँची जब्ती।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस ने कांग्रेसी विधायक के खिलाफ लगातार कर रही सर्च ऑपरेशन के दौरान जो गोल्ड बरामद किया है , उसमें कुछ बड़े खुलासे देखने को मिल रहे हैं।
06.09.2025 को चल्लकेरे में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत छापेमारी की। यह कार्रवाई के.सी. वीरेन्द्र एवं अन्य के खिलाफ की गई, जो अवैध ऑनलाइन सट्टेबाज़ी में जनता से ठगी के मामले से जुड़ा है।

छापेमारी के दौरान 24 कैरेट सोने की ईंटें 21.43 किलोग्राम, सोने की परत चढ़े चाँदी के 11 बार (10.985 किलोग्राम) और लगभग 1 किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए। बरामदगी की कुल कीमत लगभग 24 करोड़ रुपये आँकी गई है।

इस ज़ब्ती के बाद इस मामले में अब तक जब्त की गई अवैध संपत्ति (Proceeds of Crime) की कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

ये कार्रवाई एवं पीओसी का पता लगाना, मुख्य आरोपी और चित्रदुर्गा ज़िले के विधायक के.सी. वीरेन्द्र की ईडी कस्टडी के दौरान किया गया।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।