एन सी बी की एक बड़ी कार्रवाई से हवाला ऑपरेटरों में हडकंप मचा हुआ है।

एनसीबी ने चांदनी चौक में हवाला ऑपरेटर से 4,64,55,710 रुपये बरामद किए

82.5 किलोग्राम कोकीन की जब्ती से संबंधित मामले की अनुवर्ती कार्रवाई में, जो दिल्ली में कोकीन की सबसे बड़ी खेपों में से एक है, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की दिल्ली जोनल यूनिट ने 09.12.2024 को चांदनी चौक, दिल्ली में तीन स्थानों पर तलाशी ली। तलाशी में, एनसीबी की टीम ने 4,64,55,710 रुपये नकद बरामद किए, डिजिटल डिवाइस/दस्तावेज जब्त किए और एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया। लेन-देन और इसमें शामिल लोगों का विवरण एकत्र करने के लिए तलाशी ली गई। जब्त की गई नकदी को आयकर विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है।

मामले की जांच के दौरान, विदेश में रहने वाले लोगों के एक समूह द्वारा कोकीन की तस्करी से जुड़े धन के हस्तांतरण में कुछ हवाला ऑपरेटरों के नाम सामने आए। अब तक की गई जांच से पता चला है कि यह सिंडिकेट कूरियर/छोटी कार्गो सेवाओं के माध्यम से विदेश में बैठे लोगों के एक समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस मामले में शामिल लोग मुख्य रूप से ‘हवाला ऑपरेटर’ हैं और एक-दूसरे के लिए गुमनाम हैं।

इस मामले में इससे पहले 14.11.2024 को दिल्ली के जनकपुरी और नांगलोई इलाके से 82.53 किलोग्राम उच्च श्रेणी का कोकीन बरामद किया गया था और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा, विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से ड्रग सिंडिकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज और जब्त कोकीन के स्रोत की पहचान करने के लिए जांच चल रही है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।