उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंबिकापुर के रहने वाले कई सौं करोड़ के कारोबारी संजय मित्तल का नाम आजकल चर्चा में है।
‘ब्लैक डायमंड’ के अरबपति कारोबारी संजय मित्तल (अंबिकापुर) की नज़र सरगुजा संभाग की भटगांव सामान्य सीट से चुनाव लड़ने पर है और इसकी कवायद भी शुरू है।
राजनीति में आजकल बाहुबल की अपेक्षा धनबल का ज़ोर अधिक देखने को मिल रहा है ऐसे में एकाएक एक बड़े कोयला कारोबारी और अंबिकापुर अग्रवाल समाज के अध्यक्ष संजय मित्तल का भटगांव सामान्य सीट पर फोकस करना दोनों दलों के राजनैतिक लोगों को बेचैन कर रहा है।
पुख्ता सूत्रों के अनुसार संजय मित्तल लगातार रायपुर और दिल्ली का दौरा कर रहे हैं साथ ही टी एस सिंहदेव से यहां के होने के कारण पहले से ही संपर्क में हैं वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी संपर्क में हैं। भूपेश बघेल के करीबी अमरजीत भगत से भी संजय मित्तल के संबंध जगजाहिर हैं वहीं नवरात्र के अवसर पर सरगुजा राजपरिवार के विंध्येश्वर शरण सिंहदेव के भव्य होटल सरगांव दि पैलेस रिसॉर्ट में गरवा के कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका के अलावा होटल सिटी इन के दो दिवसीय गरवा में भी सक्रिय भूमिका में रहना एक इसी क्रम में एक बड़ी कड़ी थी।
वहीं अग्रवाल समाज के अध्यक्ष के रूप में संजय मित्तल अपने समाज के माध्यम से कई लोगों से प्रतिदिन जुड़ रहे हैं और विशेष रणनीति के तहत काम करने में अंदर ही अंदर लगे हुए हैं।
भाजपा की वर्तमान विधायक व मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की निष्क्रियता और दिन पर दिन गिरती छवि, भ्रष्टाचार के आरोप वैसे भी भाजपा के लिए मुसीबत बन रहे हैं ऐसे में अपनी व्यापारिक बुद्धि का तेज इस्तेमाल कर संजय मित्तल दोनों ही दलों के लोगों को बेचैन कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस से अंबिकापुर के शफी अहमद भी इस सीट से लड़ने का मन रखते हैं और विगत 10 वर्षों से सक्रिय हैं वहीं भाजपा की ओर से भी कई उम्मीदवार यहां से विधायक बनने का सपना देख रहे हैं जिसमें जूदेव परिवार के भी एक सदस्य हैं जो पिछली बार मोदी लहर के बाद भी चुनाव हार चुके हैं वहीं अंबिकापुर के कुछ नेता स्वर्गीय रवि शंकर त्रिपाठी के बाद यहां सक्रिय होना चाहे मगर उनकी निष्क्रिय छवि इस कोयलांचल के लोगों को पसंद नहीं आई।
ऐसे में इस बार कांग्रेस के लिए यहां से अच्छा अवसर है और इसका लाभ उठाने में जोड़ तोड़ में माहिर संजय मित्तल अभी से तेजी से सक्रिय हैं।
पहल से बात करते हुए संजय मित्तल कहते हैं “समाज का अध्यक्ष बनने के बाद कई कार्यक्रमों के माध्यम से हर समाज के लोगों से मिलना होता है। हमारे देश में राजनीति का आयाम बृहद होता है साथ ही इस क्षेत्र में उतरकर सीधे सीधे सभी से जुड़कर उनके लिए कुछ अलग कर कुछ बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ा जा सकता है जिसके लिए मैं भी एक भारतीय नागरिक होने के नाते प्रयासरत हूं। कांग्रेस पार्टी से लड़ने के लिए इक्छुक हूं,दिल्ली में 1 नवंबर की रैली में भी गया लगातार कुछ और करने का मन बना चुका हूं।”
बहरहाल राजनीति के अखाड़े में एक धनकुबेर की एकाएक एंट्री से भाजपा की ओर से भी टिकट के इक्छुक कुछ लोगों के होश भी उड़े हुए हैं क्योंकि सभी जानते हैं कि जब एक बड़े व्यापारी का इसमें पदार्पण होगा तो उसके असीमित संसाधन के आगे किसी नैतिक और कर्मशील व्यक्ति का ही कद टिकेगा जिसकी संभावना यहां किसी भी भाजपा के उम्मीदवार में नहीं है साथ ही मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की कारगुजारियों का खामियाजा पूरी भाजपा सरकार को भुगतना पड़ेगा इसमें रत्ती भर का संदेह नहीं है।
आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

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