21 जून को अंबिकापुर में योग दिवस पर जो कार्यक्रम आयोजित किया गया उससे संबंधित प्रश्न कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने कल विधानसभा में पूछा था जिसका गोलमोल जवाब  मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिया है अब ये भी चर्चा का विषय बना हुआ है।


जवाब में सरकार ने बताया की एक घंटे के योग दिवस के कार्यक्रम में डेढ़ करोड़ रुपए खर्च हुए। काम बिना टेंडर के कराया गया है।
विधानसभा में किया गया प्रश्न का लिखित उत्तर
छत्तीसगढ़ सरकार का यहां दस्तावेज है जिसे अब हटाया नहीं जा सकता लेकिन अगर कोई भी विभाग हो इतनी बड़ी रकम का बगैर टेंडर की खरीदी करता है या कोई कार्य का आदेश देता है तो सरकार उस पर जांच का आदेश जारी कर सकती है।
यह अल्प विधि क्या है क्या यहां कोई कानून लागू नहीं होता है अब ये नया मुद्दा बन गया है । पहल ने वीडियो के माध्यम से प्रमाण सहित समाचार चलाया था कि 15 जून से ही यहां कई लोग आ चुके थे। इसमें अब ये सीधे सीधे मंत्री श्याम बिहारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब 21जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है तब इस बात पर मंत्री गंभीर नहीं हुए ये बड़ा सवाल है। योग दिवस है तो उसके पहले प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई ये अब आमजन के

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।