अंबिकापुर महामाया पहाड़ अब वन विभाग के पीसीसीएफ अरुण कुमार पाण्डेय के मेगा प्लान से एक अलग रूप में निखरेगा।

अंबिकापुर महामाया पहाड़ पर वन विभाग के पीसीसीएफ अरुण कुमार पाण्डेय का मेगा प्लान।
सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने किया तैयार। भारतीय संस्कृति को आधार बनाकर बनाई गई बड़ी योजना।
पिछले महीने छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं बल अरुण कुमार पाण्डेय ने अंबिकापुर में वन विभाग के अधिकारियों की बड़ी बैठक ली थी।
अंबिकापुर में मां महामाया मंदिर के दर्शन भी किये और जब इनसे हमने महामाया पहाड़ पर अतिक्रमण की बात कही तो उस पर त्वरित संज्ञान भी लिया एवं पहल की मुहिम पर कुछ सकारात्मक हो इस मामले में भी नगर के कुछ लोगों ने महामाया पहाड़ के संरक्षण व संवर्धन के लिए खुलकर चर्चा की।
इस गंभीर विषय पर दो दिन पहले ही उन्होंने महामाया पहाड़ के बड़े भू भाग को जो वन विभाग में आता है उसका आधुनिक तकनीक से सीमांकन करके सबसे महत्वपूर्ण उसे घेरने का प्रस्ताव बनाने को सरगुजा के युवा सीसीएफ दिलराज प्रभाकर को निर्देशित किया जिस पर मात्र 24 घंटे में सरगुजा संभाग के सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने एक मेगा प्लान बनाया है। कल रात ही वो इसे लेकर रायपुर निकले हैं।
पहल से बात करते हुए राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं बल अरुण कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट कहा है कि “महामाया पहाड़ पर आपके समाचार एवं कई महत्त्वपूर्ण लोगों के साक्षात्कार को देखते हुए सर्व प्रथम वहां एक मेगा प्लान बनाकर उस पर अमल करने जा रहे हैं जिससे वहां सुंदरता की वृद्धि हो, इससे वहां शहर समेत प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में दर्शन करने दूर दराज से आने वाले श्रद्धालु भी प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले सकें और प्रकृति की गोद में भारतीय संस्कृति के बीच अपना समय परिवार के साथ बिता पाएं। इससे अतिक्रमण भी रुकेगा और लोग जागरूक भी होंगे। मैने सरगुजा के सीसीएफ दिलराज प्रभाकर जी को इसके लिए निर्देशित किया है आप उनसे पूरी जानकारी ले सकते हैं।”
इसके बाद हमने सरगुजा संभाग के सीसीएफ दिलराज प्रभाकर से मिलकर बात की जिस पर उन्होंने बताया”महामाया पहाड़ आस्था का भी केंद्र है इस विषय पर पीसीसीएफ साहब के त्वरित रूप से दिए गए निर्देश का हमने पालन करते हुए एक मेगा प्लान के अंतर्गत महामाया पहाड़ में वन विभाग के एक बड़े भू भाग को घेरने की योजना बना ली है जिसके अंतर्गत नीचे 3 से 4 फीट ईंट की मजबूत दीवार पर उसमें 4 फीट के पोल एवं इस पर लोहे के तार से कुल 8 फीट ऊँची बाउंड्री तैयार करेंगे। महामाया पहाड़ में खूबसूरत पेड़ पौधे लगाए जाएंगे साथ ही भारतीय संस्कृति को दर्शाते हुए नक्षत्र पार्क बनाया जाएगा जो ज्ञानवर्धक भी होगा। बच्चों के लिए हम प्रकृति की सुंदरता व स्वच्छ स्वास्थ्य वर्धक वातावरण में विशेष बड़ा पार्क बनाएंगे इसके साथ साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय योग की महत्ता को प्रदर्शित कर योगा पार्क भी निर्मित करेंगे। सुबह व शाम की सैर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों समेत सभी वर्ग का ध्यान रखते हुए पैदल चलने का अलग से पथ बना रहे हैं। वन विभाग की ये महत्वाकांक्षी योजना शीघ्र ही मूर्त रूप लेगी इसके लिए हम कृत संकल्पित हैं।”

वन विभाग की इस योजना पर अमल होकर अब काम शुरु करना पहला चरण होगा देखना ये है कि ये मेगा प्लान कितने दिनों में साकार होता है। निःसंदेह जब वहां सकारात्मक पहल होगी तब अतिक्रमण करने वाले तत्व के कुत्सित प्रयास स्वयं नष्ट हो जाएंगे साथ ही संरचनात्मक कार्य के साथ साथ पुराने अतिक्रमण को भी हटाकर एक बड़े सपने को सच करने में आमजन का भी भरपूर सहयोग मिलेगा ये तय है।
आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

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