आदित्येश्वर शरण सिंहदेव किसे दिलाना चाह रहे सज़ा, क्यों लिखा जब तक सज़ा नहीं मिलती हम चैन से नहीं रहेंगे।अपने खास समर्थक गुरप्रीत सिद्धू और इनकी पत्नी पर हुए हमले को लेकर आदि बाबा की दो टूक,इशारा किस नेता की तरफ़?
अंबिकापुर में कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिद्धू पर हमले मामले में आदित्येश्वर शरण सिंहदेव का रुख़ आक्रामक होता दिख रहा है। विगत दिनों सरगुजा महाराज ग्रुप जो कि सरगुजा राजपरिवार का है और इसमें सिंहदेव समर्थक भी बड़ी संख्या में जुड़े हैं इसमें सिंहदेव खेमे के खास माने जाने वाले कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिद्धू जो कि मंडल अध्यक्ष हैं इनके और इनकी पत्नी पर घर में घुसकर बुरी तरह से मारपीट की गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया लेकिन घर में घुसकर गुरप्रीत सिद्धू और इनकी पत्नी पर हुए हमले का कोई वीडियो नहीं था जिसे लेकर जब कई बात सामने आईं तब पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव के भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने सरगुजा महाराज ग्रुप में बड़ी तल्ख़ टिप्पणी लिखी इसमें लिखा “जिसके भी कहने पर या संरक्षण में यह कायराना वारदात को अंजाम दिया गया है,जब तक उसे उसकी करनी की सज़ा नहीं मिलती हम चैन से नहीं रहेंगे,चाहे वह वीडियो में दिखाई दे रहा हो या नहीं।”इनकी इस चैट पर कई लाईक और पक्ष में प्रतिक्रिया की बात सामने आ रही है।
गौरतलब है कि गुरप्रीत सिद्धू और इनकी पत्नी इस हमले के पीछे भाजपा नेता प्रकाश साहू की भूमिका पीछे से बता रहे हैं। प्रकाश साहू पहले कांग्रेस में थे और भाजपा की सरकार बनने के बाद अब भाजपा में। हालांकि टी एस सिंहदेव ने प्रकाश साहू को लेकर नरम रुख़ अपनाते हुए कहा था कि वीडियो में प्रकाश साहू कहीं नहीं हैं लेकिन हमला हुआ ये बहुत गम्भीर है।
गुरप्रीत आदि बाबा के खास हैं ऐसे में राजपरिवार के सरगुजा महाराज ग्रुप में आदि बाबा का खुलकर स्पष्ट शब्दों में कड़ी प्रतिक्रिया देना ये इंगित करता है कि वो इस मामले में पूरी दमदारी से गुरप्रीत सिद्धू के साथ खड़े हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले में आदित्यश्वर शरण सिंहदेव ने टी एस सिंहदेव को पूरी जानकारी विस्तार से अभी जन्माष्टमी के आसपास दी है वहीं ये भी बात सामने आई है कि रायपुर में इलाज़ करा रहे गुरप्रीत सिद्धू से यहां से जा रहे हर कांग्रेस नेता खुलकर मिल रहे हैं और पूरी तरह से सपोर्ट की बात कर रहे हैं।गुरप्रीत की आंख के रेटिना में में भी हमले के कारण प्रभाव की बात सामने आ रही है साथ ही दो पसली भी टूटी हैं इन सब तथ्य को देखते हुए और आदित्येश्वर के साथ साथ युवा समर्थकों के गरम रुख़ को देखते हुए टी एस सिंहदेव भी इस मामले में अब गुरप्रीत के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं। गौरतलब है कि राजपरिवार के आदि बाबा के नाम से चर्चित सिंहदेव के भतीजे से सरगुजा और आसपास के ज़िलों के युवा विगत दिनों तेजी से जुड़े हैं ऐसे में सिंहदेव परिवार की राजनीति की अगली चाल और अपने समर्थक के साथ तन मन धन से खुलकर खड़े होने की नीति कितनी कारगर होगी ये समय के गर्भ में है। सूत्रों की मानें तो भाजपा के केंद्रीय संगठन को भी इस मामले पर मीडिया में आ रहे समाचार और सरकार की किरकिरी से कई भाजपाइयों ने गुप्त रूप से अवगत कराया है जिस पर इस मामले की पूरी जानकारी विस्तार से दिल्ली मंगाई गई है जिससे आने वाले दिनों में भाजपा सरकार के लिए ये सब बातें मुसीबत न बनें।


आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

ग्रुप की चैट जिसमें आदि बाबा के नाम से टी एस सिंहदेव के भतीजे जुड़े हुए हैं। इनकी इस बात पर कई लाईक और समर्थन आना शुरू हो गया था।

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