अडानी, जिंदल, एनटीपीसी चाहे जो भी कंपनी हो वो यदि आमजन के हित में काम नहीं करेंगे और क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा इस स्थिति में चुप नहीं बैठेंगे।

भाजपा छोड़ चुके रवि भगत ने कहा है
“जब अंग्रेजों से डरे नहीं तो कलेक्टर से डरेंगे।
क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा तो चुप नहीं बैठेंगे।”
रायगढ़ क्षेत्र में कलेक्टर ने अडानी,जिंदल,एनटीपीसी को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है वहां आंदोलन, धरना प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।

इस बात पर पूर्व भाजपाई युवा नेता जो भाजयुमो में सबसे बड़े पद पर पहुंचे लेकिन कुछ बातों के विरोध और स्थानीय नागरिकों के हित में सत्ता पक्ष की अनदेखी से आहत होकर रवि भगत ने भाजपा से ही किनारा कर लिया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग और रायगढ़ में भी बड़ी बड़ी कम्पनियां आमजन के हित की अनदेखी कर रही हैं जिससे ग्रामीणों में,आदिवासी समाज में जमकर विरोध है ऐसे में रवि भगत ने साफ़ कहा है कि जब हमारे देश में अंग्रेजों से नहीं डरे तो कलेक्टर से क्यों डरेंगे?

अब इनका बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वहीं भाजपा के दिग्गज मंत्री के क्षेत्र में जाकर सीधे सीधे रवि भगत के विरोध को राजनीति में भी दूर के परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। वैसे भी कोल ब्लॉक आबंटन और खदान को लेकर ग्रामीण सरकार की जन विरोधी बात को लेकर भड़क रहे हैं ऐसे में इस तरह का विरोध सत्ता में बैठी भाजपा के लिए आने वाले समय में किसी भी सूरत में ठीक नहीं होगा।

आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।