कॉकरोच जनता पार्टी और फ़र्ज़ी वकीलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका।

सुप्रीम कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी और फर्जी वकीलों की जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कथित फर्जी वकीलों, नकली लॉ डिग्रियों और कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच की मांग की गई है

याचिका में CBI से जांच कराने और FIR दर्ज करने की मांग की गई है

यह याचिका वकील राजा चौधरी ने दाखिल की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि हाल ही में अदालत में हुई मौखिक टिप्पणियों को सोशल मीडिया पर काट-छांट कर वायरल किया गया, मीम बनाए गए और उनसे कमाई की गई।

मामला 15 मई की उस सुनवाई से जुड़ा है, जिसमें CJI सूर्यकांत ने कानूनी पेशे में फर्जी डिग्रियों और पेशेवर स्तर गिरने पर चिंता जताई थी। सुनवाई के दौरान कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल हुआ था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से ऑनलाइन अभियान शुरू हो गया।

याचिका में कहा गया है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को संदर्भ से हटाकर वायरल कंटेंट में बदला गया और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया। हालांकि, याचिका में यह भी साफ किया गया है कि यह मामला अभिव्यक्ति की आजादी, व्यंग्य या सरकार और न्यायपालिका की आलोचना के खिलाफ नहीं है।

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।