लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, डीजीएमओ-

  1. हम पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले से अवगत हैं
  2. हम जानते थे कि ठोस बयान देने का समय आ गया है
  3. ऑपरेशन सिंदूर की परिकल्पना आतंकवादियों को दंडित करने के लिए की गई थी
  4. 9 शिविर थे, जिनसे आप सभी परिचित हैं.. इनमें से कुछ पीओजेके में थे जबकि अन्य पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में थे
  5. 9 आतंकी ठिकानों पर किए गए हमलों में 100 आतंकवादी मारे गए
  6. भारतीय वायुसेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
  7. सेना के प्रकोप से डरकर कई आतंकवादी शिविरों से भाग गए
    बहावलपुर में तीन मिसाइल दाग कर

7 मई को वेव में ड्रोन दागे गए
हमने आतंकियों को हिट किया लेकिन पाक ने हमारे आम लोगों निशाना बनाया

रडार लाहोर और गुज़रावाला में ध्वस्तक्सा
DG MO – पाकिस्तान की तरफ से हमारे एयर फील्ड को निशाना बनाने की कोशिश की। हमने फेल किए। हमने अपना डिप्लॉयमेंट और मजबूत किया। आर्टिलरी फायर में पाकिस्तान के 35-40 सैनिकों का नुकसान हुआ

पाक सेना ने इसकी पुष्टि कर चुकी है

DGAO- पाक की तरफ से किए गए मास रेंज में किसी भी तरह का नुकसान ग्राउंड पर नहीं होने दिया गया

DG AO – 8/9 मई की रात को बड़ी संख्या में अलग अलग वेब में ड्रोन आए। हमारा एयर डिफेंस पूरी तरह तैयार था। 7 की और 8 की रात को फर्क ये था कि 7 मई को ज्यादा ड्रोन थे पर 8 को ज्यादा कॉडकॉप्टर भी थे। ये जासूसी के लिए हो सकते थे और सिविलियंस को निशाना बनाने को लिए। हमने जवाब में फिर पाकिस्तान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया
हमने पाकिस्तान के एयर बेस, कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम को पूरे बॉर्डर पर निशाना बनाया। हमारे पास उनके हर बेस को हर सिस्टम को टारगेट करने की क्षमता है। बस उन्हें सद्बुद्धि आए इसलिए संतुलित स्ट्राइक की हमने
पसरूर – में एयर डिफेंस रडार
चुनिआन- डिफेंस रडार
आरिफवाला – रेंजरों
सरगोधा एयर फील्ड – रनवे
रहीम यार खान – रनवे
चकलाला – रडार
पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेवी ने अपने एसेस्ट्स डिप्लॉय कर दिए थे। हमने समंदर में टेस्ट भी किए, अपनी ऑपरेशनल रेडिनोस के लिए। नेवी ने पाकिस्तान की नेवी को डिफेंसिव पॉश्चर में रहने को मजबूर किया। वह पूरे टाइम अपने हार्बर में रहे।
DGMO- पाक डीजीएमओ की तरफ से बात करने के लिए 10 मई की सुबह हॉट लाइन पर मैसेज आया..
1535 बजे डीजीएमओ के साथ बात हुई.
DGMO- लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर पाकिस्तान ने 35 से 40 सैनिकों गवाए

DG MO – हमने जो भी तरीके और हथियार इस्तेमाल किए उसका वही असर हु़आ जो हम चाहते थे. किस तरह के हथियार इस्तेमाल किए गए यह मैंने नहीं कहा

DG MO – पाकिस्तान की आर्मी ने IB क्रॉस नहीं की। घुसपैठ की कोशिश जरूर हु़ई थी। वे आतंकी थे या पाकिस्तान के कमांडो ये कहना मुश्किल, पर उनकी कोशिश फेल की गई
हमने कुछ पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया है
उनके विमानों को घुसने से रोका गया

कुछ विमान गिरे हैं

संख्या हम साझा नहीं कर सकते

हाई-टेक विमान
21 से ज़्यादा आतंकी शिविरों पर अगर ज़रूरत पड़ी तो हम फिर से हमला करेंगे।

हमने कुछ पाकिस्तान के एयरक्राफ़्ट को मार गिराया है .. आने वाले दिनों में पता लग जाएगा

100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया.. आतंकी टार्गेट 21 चुने उसमें से 9 को चुना गया. लेकिन जब टार्गेट चुनने की तैयारी थी तो लिस्ट में 21 से ज्यादा टार्गेट थे

हमारे सारे पायलट सुरक्षित घर लौटे है

आज के प्रेस कांफ्रेंस की पूरी लिंक

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।