प्रेस ब्रीफ: मालवीय नगर अग्निकांड

आज सुबह 08:48 बजे मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में आग लगने की सूचना मिली। स्थानीय पुलिस कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव, निकासी और राहत अभियान शुरू किया।

दमकल की 08 गाड़ियों की सहायता से आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है। पुलिस, अग्निशमन सेवाओं और अन्य आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं के समन्वित प्रयासों के माध्यम से, 40 से अधिक व्यक्तियों को बचाया गया है और चिकित्सा उपचार के लिए पास के अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है।

इस दुखद घटना में 21 लोगों को मृत घोषित किए जाने पर गहरा दुख हो रहा है।
बचाव और खोज अभियान अभी भी जारी है, और सभी संबंधित एजेंसियां प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए मौके पर तैनात हैं।

आगे का विवरण प्राप्त होने पर साझा किया जाएगा।

मालवीय नगर आग की घटना के पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार ने किया मुआवजे का एलान।

मालवीय नगर आग की घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हज़ार का मुआवजा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना एक दुखद घटना है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनाएं हैं। वो घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

PMNRF से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।