प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर द्वीप प्रज्वलित करने के सरकारी आदेशों की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई लोग तीखी आलोचना कर रहे हैं।

कल 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76 वाँ जन्मदिन है इस अवसर पर दीया जलाने का कार्यक्रम अब विवाद का विषय बनता जा रहा है।

कुछ तो कह रहे हैं

“यह तो हद ही हो गई
अब शासकीय आदेश भी जारी होने लगे हालांकि पूरा जिला प्रशासन छत्तीसगढ़ के 33 जिले इसी काम में लगे हुए हैं लेकिन पहले ऐसा लग रहा था कि यह पार्टी का कार्यक्रम लेकिन अब स्पष्ट हो चुका है कि पूरा प्रशासन तंत्र भी इसमें शामिल किया जा रहा है।एक दिया आशीर्वाद के नाम मोदी जी के नाम…..?
हद तो और हो गई जब पंचायत स्तर पर निर्देश जारी हुए की दिया का जब कार्यक्रम हो जाए तो उसका वीडियो ग्राफी करके इस कार्यालय को सूचित करें लगभग यह स्थिति पूरे प्रदेश के 33 जिलों के बन चुके हैं।
छत्तीसगढ़ की आम जनता भ्रमित यह कार्यक्रम सरकार का है या पार्टी का।
अगर सरकार का है तो फिर फंड किस म द से जारी किए गए और कितने करोड रुपए जारी किए गए हैं?”

वहीं भूपेश बघेल ने कुछ देर पहले ही एक लंबा ट्वीट किया है और जन्मदिन पर प्रसन्नता भी व्यक्त की है लेकिन सरकारी तौर पर इस कार्यक्रम के आयोजन पर करारा व्यंग्य भी किया है।

सरकारी आदेश

बहरहाल आमजन को लोकतांत्रिक देश में ये प्रश्न पूछने का पूरा अधिकार है कि आखिर इस कार्यक्रम को किस प्रकार की राशि से किया जा रहा है और क्या ये परंपरा उचित है?

आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

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