SECL के आमगांव खदान में तैनात अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार किए जाने की आदत ने एक ट्रक मालिक को आत्महत्या करने के लिए विवश कर दिया।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग की आमगांव खदान में SECL के कर्मचारियों के फर्जीवाड़ा की दास्तान काफी लंबी है। बकायदा एक सिंडिकेट बनाकर SECL को जमकर चूना लगाकर कुछ अधिकारी और कर्मचारी मोटी रकम अपनी जेब में भर रहे हैं।

ट्रक मालिक मनोज जाट विगत दस दिनों से आमगांव खदान में कोयला लोडिंग के लिए लगातार निवेदन कर रहा था, लेकिन अधिकारियों ने उसकी बात बिल्कुल नहीं सुनी। इसके विपरीत, उसी के सामने अन्य प्रांतों की गाड़ियों से मोटी रकम लेकर कोयला लोडिंग दी जा रही थी। इससे आहत होकर ट्रक मालिक ने अपने ही ट्रक में फांसी लगाकर जान दे दी।
इस मामले पर ट्रक मालिक संघ के अध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी ने सुरजपुर पुलिस प्रशासन से निवेदन किया है  कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और खदान में शामिल उन सभी कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए जो इस दुखद घटना के जिम्मेदार हैं। ट्रक मालिक मनोज जाट को न्याय मिलना चाहिए। सरगुजा संभागीय ट्रक मालिक संघ इस विषय को लेकर सरगुजा के पुलिस महानिरीक्षक से मुलाकात करेगा और इसमें कठोर कार्रवाई की मांग करेगा, ताकि आगे कोई भी ट्रक मालिक ऐसी त्रासदी का शिकार न हो।

सूत्रों की मानें तो इस घटना की जानकारी सरगुजा आईजी दीपक झा को भी दी गई है जिसमें उन्होंने सख़्त तेवर अपनाए हैं और इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि आमगांव खदान में इतनी अनियमितताएं हैं कि यदि यहां निष्पक्ष जांच की जाए तो बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया जा सकता है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

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निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।