
टी एस सिंहदेव के गढ़ में भूपेश बघेल के‘डबल डी’ कौन?सरगुजा में बन रहे नए समीकरण।सिंहदेव खेमे में भूपेश बघेल की मज़बूत होती पकड़।
एक D के यहाँ भूपेश बघेल का खाना और दूसरे D के यहाँ नाश्ता से मची हलचल।
अभी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में कांग्रेस 6 ज़िलों का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें सभी ब्लॉक अध्यक्ष को एकत्र किया गया कांग्रेस के सेवा दल के कार्यकर्ताओं की इसमें मुख्य भूमिका भी रही।
कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए अध्यक्ष इस कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। ज़ाहिर है कि कार्यक्रम अंबिकापुर में था तो इसमें टी एस सिंहदेव यानि पैलेस के खेमे के प्रमुख लोग ही कर्ता धर्ता थे वहीं कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज,नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव तो रहे ही लेकिन जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यहां पहले दिन शाम को आए वैसे ही पूरे प्रदेश की निगाहें इस कार्यक्रम और लोगों की उपस्थिति पर टिक गईं।



पूर्व मंत्री अमरजीत भगत वैसे भी भूपेश बघेल के खास समर्थक माने जाते हैं वहीं सिंहदेव के खास शफी अहमद के समानांतर भूपेश बघेल ने अंबिकापुर के रसूलपुर के युवक दानिश रफ़ीक को हर दौरे में अपने साथ रखा है उससे साफ़ है कि भूपेश बघेल यहां सिंहदेव के समानांतर भी अपने लोगों को तेजी से अपने साथ यहां हर दौरे में लेकर घुमाने से यहां स्पष्ट संकेत दे रहे हैं।
युवा दानिश रफ़ीक के पास जुझार टीम भी है वहीं खुलकर साथ खड़े होने का माद्दा भी यही बात भूपेश बघेल को प्रभावित कर गई। आलम ये है कि भूपेश बघेल के प्रत्येक सरगुजा दौरे में दानिश रफ़ीक भूपेश के साये की तरह रहते हैं।
सूत्रों की मानें तो इस बार दानिश ने अपने यहां भूपेश बघेल के रात्रि भोज में ही सिंहदेव खेमे के पुराने और ब्राह्मण नेता द्वितेंद्र मिश्रा के यहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाश्ते की रणनीति राजू बाबरा की उपस्थिति में बनाई और अगले दिन सुबह के नाश्ते में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे राजू बाबरा ( गुरप्रीत सिंह बाबरा) के साथ कांग्रेस के पूर्व पार्षद और सिंहदेव के खास माने जाने वाले शांत स्वभाव के द्वितेंद्र मिश्रा के यहां पहुंचे। वहां भूपेश बघेल का आत्मीय स्वागत हुआ और पूरे परिवार को जिस तरह से मिलाया गया उससे ये बात स्पष्ट है कि सरगुजा में भी भूपेश बघेल अपनी एक मजबूत और हर वर्ग में अंदर तक की पैठ बनाने में सफलता प्राप्त कर चुके हैं।
राजनीति के गलियारों में ये बात भले ही प्रदर्शित की जाए कि जय और वीरु ( सिंहदेव और बघेल) के बीच सब सामान्य है मगर आज भी इन दोनों में अंदरूनी तौर पर समीकरण कोई बहुत अच्छे नहीं हैं।अब इस क्षेत्र में भूपेश बघेल जो अपने समर्थकों के लिए कहीं भी खड़े होकर अड़ने का माद्दा रखते हैं उस मुकाबले सिंहदेव अपने समर्थकों के लिए खुलकर सामने आने से परहेज करते हैं ऐसे में आज की परिस्थिति में राजनीति का ऊँट किस करवट बैठता है ये तो समय बताएगा परन्तु अपनी धारदार राजनीति के लिए परिचित भूपेश बघेल यहां भी अपने धमाकेदार बयानों से मीडिया में भी छाए रहे और सरगुजा की राजनीति के शतरंज में अपने खास सिपहसलारों को खड़ा करने में भी ध्यान देते रहे।
इसी क्रम में दानिश रफ़ीक के यहां से टी एस सिंहदेव के चचेरे भाई विन्ध्येश्वर शरण सिंहदेव ( विंकी बाबा) से भी चर्चा की और हाल चाल पूछते हुए अगली बार तुम्हारे यहां खाना खाऊंगा ये वादा कर यहां से विदा हो लिए।
आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।
