पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ से जारी

आज यूपी के लखनऊ से एक वीडियो ट्वीट के माध्यम से कई ग्रुप से वायरल होकर जंगल में आग की तरह फैलकर अन्य राज्यों के ग्रुप में भी वायरल होना शुरू हो गया।

इसमें लिखा था कि

लखनऊ: यह क्लिप कथित तौर पर शिशु भारतीय विद्यालय मालवीय नगर, ऐशबाग की है।

बच्चे भारत माता का ताज छीन कर जबरन नमाज अदा करते नजर आए। यह राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत एक संज्ञेय अपराध है।

मगर जब इस बात की तहकीकात की गई तो खुलासा हुआ कि लखनऊ के शिशु भारतीय विद्यालय,मालवीय नगर थाना बाज़ार खाला का है।योगी आदित्यनाथ की चुस्त पुलिस और साईबर सेल ने तत्काल इस मामले पर स्कूल प्रबंधन से बात की तो पता चला बच्चों में साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए एक नाटक का मंचन विद्यालय में किया गया था। इससे आधा अधूरा वीडियो एडिट कर सोशल मीडिया में डाल दिया गया।

इसे लेकर लखनऊ पुलिस सख्ती से इसे प्रचारित करने वाले की तलाश कर रही है।

मगर प्रश्न ये उठता है कि विद्यालय प्रबंधन को इस तरह के विवादित विषय पर मंचन की आखिर क्या आवश्यकता थी? देश आज आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। बच्चों को संदेश देने के और भी तो तरीके हो सकते हैं।इस बात की चर्चा भी अब जोर पकड़ रही है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।