हाथी के पैर से कुचलकर मारे गए व्यक्ति का शव।जंगलों की अवैध कटाई का दुष्परिणाम आ रहा सामने।

सरगुजा ब्रेकिंग-आखिरकार पिछले दिनों से अंबिकापुर शहर के समीप जमे हुए हाथी को वन विभाग वहां से हटा पाने में पूरी तरह से नक्कारा साबित हुआ है।
अंबिकापुर शहर से लगे खैरबार के गाड़ाघाट से लगे जंगल मे सर कुचला हुआ मिला लाश. वन विभाग ने की पुष्टि,हाथी के कुचलने से हुई मौत. बीते 3 दिनों से अंबिकापुर शहर के आसपास इलाकों में हाथियों के दल से बिछड़ा हुआ एक हाथी कर रहा है विचरण। वन विभाग हाथी को जंगल की ओर भगाने की कवायद में लगा हुआ है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या ये है कि जंगल बस कागज में दिख रहे हैं अब हाथी इस कागजी जंगल को खोज पाने में स्वयं को असहाय समझ रहा है वहीं माफियाओं व वन विभाग की मिलीभगत का दुष्परिणाम अब आमजन अपनी जान देकर चुका रहा है।

अंबिकापुर शहर से लगे क्षेत्र में जंगली हाथी से आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है। वहीं बीती रात हाथी ने एक व्यक्ति को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया है।

दरअसल अंबिकापुर शहर से लगे खैरबार के गड़ाघाट से लगे जंगल मे सुबह स्थानीय लोगों ने भ्रमण के दौरान देखा कि एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई । जांच में यह पाया गया कि किसी चीज से कुचला हुआ दिखाई दे रहा था। जिसके बाद पोस्टमार्टम के लिए अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया. जहां पोस्टमार्टम में हाथी से कुचलने की पुष्टि हुई है। इधर वन विभाग लगातार ग्रामीणों से सुरक्षित जगह पर जाने की अपील लोगों से कर रहा है साथ ही वन विभाग हाथियों पर हर बार की तरह बस नज़र बनाए रखने का ही काम कर पा रहा है।अब तक हाथी ने फसलों सहित कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचाया है।

देखना ये है कि क्या वन विभाग इन वनों को बचा पाने के लिए भी कोई ठोस कदम समय रहते उठा पाता है या यूं ही जानते बूझते भी मूक बधिर बनकर अपने कर्त्तव्य को निभा पाने में जानबूझकर असमर्थ रहता है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।