12जून से मंदिर का रास्ता बंद ठेकेदार की लापरवाही से लोग नाराज़

महामाया मंदिर के भव्य द्वार निर्माण पर अब प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।
द्वार निर्माण के नाम पर 12 जून से मंदिर जाने के मुख्य मार्ग को बंद कर निर्माण का हवाला दिया गया लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी न तो निर्माण की प्रक्रिया चालू है न ही ढलाई हुई है।
इससे कई श्रद्धालु माँ महामाया के मंदिर में जाने के लिए घूम कर लंबी दूरी को तय कर रहे हैं वहीं मोहल्ले वालों को भी असुविधा हो रही है।
अंबिकापुर में माँ महामाया मंदिर के भव्य द्वार के लिए राजनैतिक श्रेय लेने के लिए भी दोनों दलों में होड़ लगी मगर उस समय के तत्कालीन विधायक व स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने इसके लिए नगर निगम से 50 लाख के टेंडर को करवाया साथ ही इसका पूजन भी किया।
लेकिन अब बेसुध नगर निगम और लापरवाह ठेकेदार की लापरवाही का ख़ामियाज़ा सबको भुगतना पड़ रहा है जिस पर कांग्रेस व भाजपा के तथाकथित नेता जो इसे मुद्दा बनाकर राजनीति की रोटी सेंकने में लगे थे उनके मुँह पर ताला लगा हुआ है।
भाजपा के वर्तमान अंबिकापुर विधायक भी इस परिदृश्य से ग़ायब हैं जबकि मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं में इसे लेकर भारी आक्रोश है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।