अंबिकापुर शहर में रात के अंधेरे में भालू,पीछे पीछे अंबिकापुर के देवीगंज रोड में पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी की गाड़ी। पुलिस वाहन की हेडलाईट के घेरे में भालू को रखने की जद्दोजहद में परेशान पुलिस। ये नजारा देख आप खुद अनुमान लगा लीजिए कि पुलिस चोर उचक्कों को पकड़े या भालू को भगाए।बहरहाल भला हो पुलिस की टीम का जो कि वन विभाग के भ्रष्टाचार के कारण लोगों की जान पर बन आई इस मुसीबत को किसी तरह शहर से बाहर भगाने में कामयाब रही।भालू चोपड़ा पारा में भी घूमा।यहां एक पेट्रोल पंप जो कि अंबिकापुर के डाॅक्टर त्रिपाठी जी के परिवार का है वहां भी विचरण किया।

कड़ी मशक्कत से शहर के बस स्टैंड तक निकालती रही।दिन पर दिन जंगलों का कम होना खासकर वन भूमि अधिकार पट्टे को राजनीति में वोट बैंक के लिए इस्तेमाल करना अब मानव समाज के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है।जंगलों से अब जंगली जानवर निकलकर शहर व कस्बों में आ रहे हैं जिससे लोगों के लिए खतरा बढ़ता ही जा रहा है।ज़मीन पर कब्जे की होड़ और वन भूमि का लगातार घटना आज अभिशाप बन चुका है।

वहीं जंगलों में वन्य जीवों के पानी लिए करोड़ों अरबों को पानी में तो बहा दिया गया मगर पानी नहीं होने से अब वन्य जीव गर्मी होते ही शहर का रूख करने लगे हैं।शहर के तमाम जनप्रतिनिधियों को इन सब से कुछ लेना देना ही नहीं है न ही इस तरह के संवेदनशील मुद्दों से।

आगे भालू पीछे पुलिस ।वन विभाग का भ्रष्टाचार लोगों की जान पर भारी।
ये वीडियो है चोपड़ा पारा में काली मंदिर के बगल में त्रिपाठी पेट्रोल पंप का।यहां सीसीटीवी में भालू कैद हुआ।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।