छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं की अफ़ीम की खेती के मामले में राज्य की भाजपा सरकार बुरी तरह से घिर रही है।

कांग्रेस इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक होकर सड़क पर उतर आई है आज रायगढ़ और अंबिकापुर में भाजपा कार्यालय को बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने घेरा जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है।

प्रेस विज्ञप्ति

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के संरक्षण में अफीम की खेती और फलते-फूलते सूखे नशे के कारोबार के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के द्वारा जिला प्रभारी पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह के नेतृत्व में भाजपा कार्यालय का सांकेतिक घेराव किया। दुर्ग जिले के समोद में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद अब बलरामपुर जिले में भी 2 स्थानों पर अफीम की खेती पकड़ी गई है। यह भी स्पष्ट हुआ है कि बलरामपुर जिले में अफीम की खेती की बात जनवरी से पुलिस की संज्ञान में था। इन सब के बावजूद पुलिस इस अवैध खेती से आंख मूंदे रही। न केवल अफीम की खेती बल्कि सूखे नशे का कारोबार भी पूरे प्रदेश में बड़ी तेजी से फैल रहा है। विगत 13 महीने में ही प्रदेश में नारकोटिक्स के 2599 मामले दर्ज हुए हैं जो बतलाते हैं कि या तो ये सरकार के संरक्षण में हो रहा है या प्रदेश की विष्णुदेव सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के योग्य ही नहीं है। इसके नतीजे बेहद गंभीर हैं। प्रदेश की नाबालिग और युवा आबादी तेजी से नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार की इस असफलता के विरोध में आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाह्न पर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने भाजपा कार्यालय का शांतिपूर्ण तरीके से सांकेतिक घेराव किया। घेराव के लिए सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रैली की शक्ल में राजीव भवन से भाजपा कार्यालय रवाना हुए। इस दौरान रैली ने अफीम की खेती बंद करो नारे के साथ ही साथ मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की। घेराव के उपरांत राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस प्रभारी पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह ने कहा कि विष्णुदेव सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है जो स्कूल बंद कर शराब दुकान खोल रही है, और अब शराब दुकान से उनका मन नहीं भरा है तो अपने नेताओं को संरक्षण देकर अफीम का स्टार्टअप तैयार करा रही है। घेराव के दौरान पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि सरकार जानबूझकर नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रही है । वास्तव में सरकार पूर्णतः असफल साबित हुई है। इससे पैदा हो रहे असंतोष को दबाने के लिये जानबूझकर प्रदेश के नागरिकों को शराब और सूखे नशे के गर्त में धकेल रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा कि प्रदेश में हाल ही ने पकड़े गये नशे के माफियाओं पर चर्चा के दौरान सरकार ने विधानसभा में अपने जवाब के दौरान इस गिरोह के सदस्यों का नाम छुपाया। इससे यह प्रमाणित होता है कि नशा माफिया को राज्य सरकार का उसी प्रकार संरक्षण है जैसे देश मे करोड़ों का ड्रग मंगवाने वाले अडानी पोर्ट को मोदी सरकार का है।

ये तस्वीर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वायरल की है।

अब देखना ये है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा तंत्र में कोई सुधार कर पाती है या ये भी जुमला होगा।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

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