सतीश मानेशिंदे सीनियर एडवोकेट बॉम्बे हाई कोर्ट:

सीबीआई ने लगभग 4.5  साल बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है।

हम सीबीआई के आभारी हैं कि उन्होंने मामले के हर पहलू की सभी कोणों से गहन जांच की और केस को बंद कर दिया। सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जितनी झूठी बातें फैलाई गईं, वह बिल्कुल भी उचित नहीं थीं। महामारी के कारण देश में कुछ भी नहीं होने के कारण हर कोई टीवी और सोशल मीडिया से चिपका हुआ था। निर्दोष लोगों को मीडिया और जांच अधिकारियों के सामने परेशान किया गया और पेश किया गया। मुझे उम्मीद है कि ऐसा किसी भी मामले में नहीं होगा। मैं मीडिया के कप्तानों से विनती करता हूं कि वे अपने किए पर विचार करें। रिया चक्रवर्ती को अनगिनत दुखों से गुजरना पड़ा और बिना किसी गलती के 27 दिनों तक सलाखों के पीछे रहना पड़ा, जब तक कि जस्टिस सारंग वी कोटवाल ने उन्हें जमानत पर रिहा नहीं कर दिया। मैं उन्हें और उनके परिवार को सलाम करता हूं कि उन्होंने चुप रहकर भी अमानवीय व्यवहार सहा। वे मेरे एक करीबी दोस्त और रक्षाकर्मी के माध्यम से मेरे पास आए, जो मेरे करीबी दोस्त हैं, जिनके साथ मैंने सैनिक स्कूल में पढ़ाई की थी। रिया के परिवार और मेरी टीम और मुझे परेशान किया गया और हमारे जीवन को खतरे में डालने की धमकी दी गई। मुझे कहना चाहिए कि कुछ भी हमें हमारे कानूनी कर्तव्यों को पूरा करने से नहीं रोक सका। आज मैं यह साझा कर सकता हूं कि मुझे एक फौजी परिवार का मुफ्त में बचाव करने पर गर्व है और यह मेरी फीस के बारे में अटकलों पर विराम लगाना चाहिए। मैं मीडिया के एक बड़े हिस्से को भी मेरा और रिया के कारण और न्याय की उनकी लड़ाई का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं। यह देश अभी भी बहुत सुरक्षित है और न्याय के लिए रोने वाले हर नागरिक को हमारी जीवंत न्यायपालिका के कारण उम्मीद है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।