राजनीति में न तो कोई दोस्त होता है न ही दुश्मन ये कहावत आज फिर एक तस्वीर के माध्यम से चरितार्थ हो गई

रमन सरकार में भी जोगी परिवार पर भाजपा की बी टीम बनकर कार्य करने के आरोप लगते रहे और भूपेश बघेल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनते ही सबसे पहले स्वर्गीय अजीत जोगी को कांग्रेस से किनारे करना शुरू किया जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया और इस बार भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी अच्छे से समझ गया कि जोगी परिवार की पार्टी का उपयोग कांग्रेस का वोट काटने के लिए करने में भलाई है इसी कारण अधिकांश जगह जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी खड़े किये गए जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ हालांकि जोगी कांग्रेस इस विधानसभा चुनाव में अपनी प्रत्यक्ष उपस्थिति तो दर्ज़ नहीं करा सकी लेकिन भाजपा के लिए वरदान ही साबित हुई!

अब देखना ये है कि कभी भाजपा के शीर्ष नेताओं के निशाने पर रहा जोगी परिवार कहीं भाजपा का दामन थामने के लिए तो मन नहीं बना लिया है!राजनीति के धुरंधर जोगी कांग्रेस के भाजपा में विलय को लेकर अभी से भाजपा को आगाह भी कर रहे हैं कि किस तरह भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई ने 2003 में खुले मंच से छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्य्मंत्री अजीत जोगी के लिए अंबिकापुर की ऐतिहासिक सभा में कहा था कि ” राज्य का दुर्भाग्य है कि एक सी बी आई चार्जशीट वाला व्यक्ति यहाँ मुख्यमंत्री है!” और इस उद्बोधन पर एक लाख से अधिक की भीड़ ने काफ़ी देर तक तालियां बजाईं थीं इसी वाक्य ने पूरे राज्य में भाजपा के लिए एक लहर पैदा कर दी जिस पर आरुढ होकर भाजपा 2003 से 2018 तक छत्तीसगढ़ में काबिज़ रही!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।