ईडी ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए एक घोटाले में 100 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया है।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने कर्नाटक के MUDA घोटाला मामले में करीब 100 करोड़ की प्रॉपर्टी को किया अटैचमेंट ,कर्नाटक के कई राजनेताओं से भी कथित तौर पर जुड़े कनेक्शन का इस मामले में आरोप है।

केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा कर्नाटक के बहुचर्चित मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA ) से जुड़े घोटाला मामले में करीब 100 करोड़ की चल -अचल संपत्तियों को अटैच कर लिया गया है। जांच एजेंसी ईडी के बैंगलोर जोनल दफ्तर ( Bangalore Zonal Office has provisionally attached ) के द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम को अंजाम देते हुए करीब 92 प्रॉपर्टी को भी अटैच (92 immovable properties (MUDA sites) कर लिया गया है,जिसका बाजार मूल्य करीब 100 करोड़ है . जांच एजेंसी के मुताबिक इस मामले में जिन प्रॉपर्टी को अटैच किया गया है उसमें कई प्रॉपर्टी को अलग -अलग नामों से रजिस्ट्री कराया (housing cooperative society and individuals who are front/dummy for influential persons including MUDA officials ) गया था . जांच एजेंसी ईडी के रडार पर मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA ) से जुड़े करीब 160 प्रॉपर्टी है जिसका मनी लॉन्ड्रिंग और इस घोटाले में फर्जीवाड़ा से जुड़ा हुआ कलेक्शन पाया गया है, जिसमें विस्तार से जांच की जा रही है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।