ED Exclusive Breaking Details for UP/Bihar Desk:

उत्तरप्रदेश और बिहार के बेहद चर्चित कंपनी JVL एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई।जांच एजेंसी ED द्वारा बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 814 करोड़ की संपत्ति को किया अटेचमेंट। उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद यूनिट द्वारा दिया गया इस ऑपरेशन को अंजाम।ED द्वारा कंपनी JVL एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बिहार के रोहतास, उत्तरप्रदेश के चंदौली, वाराणसी दिल्ली के पालम और महाराष्ट्र के रायगढ़ इलाके में स्थित 521 एकड़ बेहद महंगी कीमत वाले करीब 814 करोड़ की प्रॉपर्टी को किया गया अटेचमेंट।

इस कंपनी के मुख्य निदेशक में शामिल दीनानाथ झुनझुनवाला मूल रूप से हैं बिहार के भागलपुर के रहने वाले।दीनानाथ झुनझुनवाला और उनकी कंपनी पर करीब दो हजार करोड़ से अधिक के बैंक धोखाधड़ी का है आरोप। पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के 900 करोड़ हैं बाकी।

झुनझुनवाला और उनके परिवार ने 11 बैंकों से करोड़ों का  लोन लिया था जिसे अब तक लौटाया नहीं है। उनकी कंपनी जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड सबसे बड़ी कर्जदार है।

सूत्र के मुताबिक झुनझुनवाला 50 साल पहले लगाते थे फेरी, अब विदेश में भी कारोबार है।
उद्योगपति दीनानाथ झुनझुनवाला लगभग पांच दशक पहले फेरी लगाकर कपड़ा बेचते थे। बाद में उन्होंने झूला ब्रांड डालडा (वनस्पति तेल) बनाना शुरू किया, जो यूपी-बिहार में काफी मशहूर है।

इस ग्रुप की कंपनी का कारोबार इंडोनेशिया, चेकोस्लोवाकिया, मलयेशिया और श्रीलंका में भी है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।