छतीसगढ़ नान घोटाला मामला:

छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि– मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कभी किसी हाई कोर्ट के जज से मुलाकात नहीं की है।

इसी के साथ कोर्ट को ये भी बताया गया कि सरकार ने पीडीएस घोटाले में उनकी संभावित संलिप्तता के बारे में केंद्र सरकार के एक शीर्ष कानून अधिकारी के दावे को खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ‘नागरिक अपूर्ति निगम’ या सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) घोटाले से संबंधित इस पीएमएलए मामले को राज्य के बाहर स्थानांतरित करने की मांग करने वाली ईडी याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्यमंत्री के एक कथित करीबी सहयोगी के व्हाट्सएप चैट का हवाला दिया कि एनएएन घोटाले में कुछ आरोपियों को जमानत दिए जाने से दो दिन पहले एक न्यायाधीश ने सीएम से मुलाकात की थी।

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि मुख्यमंत्री कभी भी हाई कोर्ट के किसी न्यायाधीश से नहीं मिले।

वही मामले की सुनवाई के दोरान SG तुषार मेहता ने जवाब दिया, मैंने केवल व्हाट्सएप चैट का जिक्र उल्लेख किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने समय की कमी कारण ईडी की याचिका पर एक हफ्ते के लिए सुनवाई टाल दी है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।