अपनी कांग्रेस सरकार को ही टी एस सिंहदेव ने फिर कटघरे में खड़ा किया।

टी एस सिंह देव स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन अभी सरगुजा संभाग के दौरे पर हैं।इन्होंने सूरजपुर ज़िले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जो कहा उससे साफ है कि वो और कई लोग अपनी ही सरकार के शासनकाल में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।वीडियो सुने इस बैठक में उदाहरण दिया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी की प्रभारी सुश्री शैलजा ने जब प्रदेश के ब्लॉक अध्यक्षों की बैठक ली तो उस बैठक में 99% ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की भावना वही है जो आप लोगों ने अभी कहा।कांग्रेस शासन में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है जिसकी हमें उम्मीद थी।टी एस सिंहदेव यहीं नहीं रूके उन्होंने और आगे बढ़कर कहा कि भाजपा सरकार के 15 वर्ष के शासन में जिस तरह उनके कार्यकर्ताओं की सुनी जाती थी वैसा कांग्रेस में नहीं है।कई कांग्रेस के लोगों ने जब टी एस सिंहदेव के सामने अपनी बात रखी तो उन्होंने उसी को यहां बयान के तौर पर साफ साफ कहा।

एक ओर कांग्रेस से जनमानस निराश है,
प्रदेश का जनमानस भाजपा की ओर देख रहा है और भाजपा सिर्फ मंडल, ज़िला और प्रदेश की बैठकों में ही व्यस्त है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं भाजपा के पदाधिकारी ही कह रहे हैं कि जनता की आवाज़ समस्याओं की बात को लेकर भाजपा आंदोलन कब करेगी कि हम बैठकर ही करते रहेंगे नवंबर 2023 तक।कांग्रेस में कांग्रेस के ही लोग उपेक्षित हैं जबकि भाजपा में जनमानस के लिए एलर्जी बन चुके पुराने चेहरे ही अपनी पार्टी के लिए घातक सिद्ध हो रहे हैं।देखना है कि अब आने वाले समय में कांग्रेस और भाजपा क्या कदम उठायेंगे जिससे वो जनता जनार्दन के बीच अपनी साख बना पायें।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।