भूपेश बघेल ने तमनार मामले पर एक तरह से घड़ियाली आंसू बहाए। बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है इसके बाद भूपेश तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। साथ ही इनके खास वन विभाग के मुखिया पीसीसीएफ राव की भूमिका भी कई मामलों में बेहद संदिग्ध रही है मगर इन सबके बाद भी राव का मुखिया बने रहना भाजपा पर भी गंभीर सवाल उठा रहा है।

तमनार मामले पर भूपेश बघेल के घड़ियाली आंसू का सच।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

विधान सभा के अंतिम दिन भूपेश बघेल और कांग्रेस के विधायकों ने तमनार में पेड़ कटाई को लेकर मामला को उछाला। इस मुद्दे पर भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर प्रश्न उठाए साथ ही अडानी से भाजपा की नज़दीकी को चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद मीडिया के सामने जोर जोर से कहा।

लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है इसका हम सिलसिलेवार खुलासा कर रहे हैं कि किस तरह कब और क्या हुआ साथ ही वन विभाग में भी जिस तरह से भूपेश बघेल के खासम खास आई एफ एस अधिकारी पीसीसीएफ श्रीनिवास राव ने किस तरह खुलकर भूपेश सरकार का साथ दिया और जिस तेजी से काम किया उससे एक बड़ा सवाल उठ रहा है?

भूपेश बघेल सरकार के दौरान तमनार-गारे पेल्मा सेक्टर II कोल ब्लॉक से संबंधित लिए गए प्रमुख निर्णय:

27.09.2019
परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) प्राप्त करने हेतु जनसहमति के लिए राज्य सरकार और महाजेनको द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई।

16.10.2019
पर्यावरणीय स्वीकृति की अनुशंसा
राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF & CC), भारत सरकार को ईसी की अनुशंसा भेजी गई।

11.07.2022
पहली पर्यावरणीय स्वीकृति
MoEF & CC द्वारा पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की गई।

19.04.2022
वन स्वीकृति चरण-I की अनुशंसा
राज्य सरकार द्वारा चरण-I की अनुशंसा की गई।

02.06.2022
वन स्वीकृति चरण-I की मंजूरी
राज्य सरकार की अनुशंसा पर MoEF & CC द्वारा वन स्वीकृति चरण-I की मंजूरी दी गई।

23.01.2023
वन स्वीकृति चरण-II की अनुशंसा
राज्य सरकार द्वारा MoEF, भारत सरकार को वन स्वीकृति चरण-II के लिए अनुशंसा भेजी गई।

27.01.2023
वन स्वीकृति चरण-II की मंजूरी
MoEF, भारत सरकार द्वारा वन स्वीकृति चरण-II की मंजूरी प्रदान की गई।

साफ है कि भूपेश सरकार में ही तमनार गारे पेलमा सेक्टर कोल ब्लॉक की सारी स्वीकृति की गई और तेजी से इस मामले का निपटारा किया गया।

अब भूपेश बघेल जिस तरह से अपने बेटे चैतन्य बघेल को ईडी के द्वारा गिरफ्तार करने के बाद इस मामले पर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहे हैं उससे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी पर भी एक सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या कांग्रेस भी जनता को इस मामले पर भ्रम में रखने की कुत्सित राजनीति कर रही है।

बहरहाल छत्तीसगढ़ में विकास के नाम पर वन का विनाश दुर्भाग्यपूर्ण है मगर उससे भी बड़ा दुर्भाग्य इस तरह की राजनीति है कम से कम इस मामले पर तो दलों को अपनी राय स्पष्ट रूप से आमजन के सामने रखनी चाहिए।

ये भी साफ है कि भूपेश बघेल अपनी विश्वसनीयता इस तरह के भ्रम फैलाकर स्वयं सबके सामने और कांग्रेस पार्टी में भी अपना कद पुत्र मोह में कम कर रहे हैं। वहीं वन विभाग में भर्ती में घोटाले और कई मामलों में संदेह में आ चुके राव को भाजपा सरकार अभी तक क्यों वन विभाग का मुखिया बना कर रखी है ये भी यहां भाजपा के अंदरखाने ही बड़ी चर्चा का विषय बन चुका है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।