सरगुजा संभाग में पिछले कुछ दिनों से बाघ की आहट महसूस की जा रही थी।आज ये आहट दो लोगों को मौत के घाट उतार कर पूरे खौफ के साथ मौजूद है।

घायल युवक का उपचार।

अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बाघ के हमले से घायल हुए एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। दरसअल सूरजपुर जिले के कालामाजन जंगल गांव के 3 युवक लकड़ी लेने सुबह 6 बजे गए हुए थे, उसी दौरान जंगल में बाघ भ्रमण कर रहा था। जहा तीनों युवकों पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं एक युवक की अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। एक युवक का सूरजपुर जिले के अस्पताल में इलाज जारी है।इधर अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच तहसीलदार ने मुआवजा प्रकरण बनाकर तात्कालिक सहायता राशि दिए जाने की पहल के साथ मृतक के परिजनों की सहायता की बात कही है।

कैमरे में कैद बाघ।सुस्त होकर झाड़ियों में पड़ा है।घायल है, दहाड़ भी रहा है।
वन विभाग के सीसीएफ का बयान। बाघ को चोट लगी है।हम लगातार नज़र बनाए हुए हैं।

बहरहाल सरगुछा संभाग में लगातार जंगलों की कटाई से अब जंगली जानवर रिहायशी क्षेत्र में भी आ रहे हैं ये एक बड़े खतरे की घंटी है। पहले भालू और हाथी अब बाघ। इस विषय पर आमजन को अपने क्षेत्र व पूरे संभाग में जंगलों की बढ़ोतरी के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने होंगे।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।