छत्तीसगढ़ में कल रात प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की कार पर कल गमला और ईंट से हमला कर दिया गया।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

अब ये बात जैसे ही जंगल में आग की तरह फैली वैसे ही भाजपा के नेताओं के होश तो उड़े ही साथ ही साथ प्रशासन के हाथ पांव भी फूल गए।

क्योंकि वर्तमान भाजपा सरकार में सबसे बड़ी शक्ति का केंद्र पवन साय हैं और कई सत्ताधीश इनके आगे नतमस्तक रहते हैं।

अब ये बात गलियारों से निकल कर कांग्रेस के कार्यालय भी पहुँच गई जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बकायदा पोस्ट किया कि कहीं ये भाजपा की अंतर्कलह तो नहीं वहीं कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने तो भाजपा सरकार पर ही सवाल खड़े कर पवन साय के कुशलता की कामना कर पूरी भाजपा पर कड़ा कटाक्ष कर दिया।

वहीं अब बात सामने आ रही है कि किसी पुलिस वाले ने नशे में इनकी कार पर गमला फेंका है। बहरहाल पवन साय को भी ये बात अब अच्छे से समझ आ गई होगी कि शराब से राजस्व बढ़ाने के चक्कर में इनकी ही सरकार जिस तरह जगह जगह शराब दुकान खोल रही है उससे तो ये सब होना ही है। जब सरकार की नीतियां ही ख़राब हों तो पुलिस को भी दोष देना कतई ठीक नहीं क्योंकि पुलिस तो बोल नहीं रही  हर जगह शराब दुकान खोलने के लिए।

अब देखना ये है कि जब नशे का कहर का शिकार होने से बाल बाल बचे छत्तीसगढ़ के सबसे पावरफुल व्यक्ति प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय इससे कुछ सबक लेते हैं या इस बात को भी आयाराम गयाराम कर देते हैं।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।