छत्तीसगढ को हिंदू प्रदेश बनाना है।यहां के जन का अपमान करने वालों को समुद्र भेज देना है।समुद्र में बचता नहीं है वो किनारे फेंकता है फिर पटकता है फिर खींचता है।पटक पटक कर मारता है।

छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रांत प्रचारक राजेंद्र जी का जो वीडियो वायरल हुआ आज उसके आगे का वीडियो भी धमाकेदार बयान से भरा है।इनके मात्र 30 सेकंड से भी कम का वीडियो ‘पहल’ ने सबसे पहले डाला था जिसका असर अब छत्तीसगढ की भाजपा की बैठकों में दिखने लगा है।
लगता तो लगभग ऐसा ही है छत्तीसगढ़ भाजपा के सह प्रभारी नितिन नवीन 28 अप्रैल को सरायपाली और बसना क्षेत्र के दौरे पर थे 2023 में भाजपा की सरकार बनाने के लिए बड़ी-बड़ी बैठ कर ले रहे थे कुछ कार्यकर्ता वीडियो बनाने लगे और फोटो खींचने लग रहे हो तो उन्होंने बैठक के बीच में ही अपना भाषण रोकते हुए कहा कि जो कार्यकर्ता वीडियो बना रहा है फोटो खींच रहा है वह बंद कर दे।फोटो खींचना नहीं वीडियो बनाना नहीं बैठक में कुछ शब्द ऐसे निकल जाते हैं जो बाद में वायरल हो जाते हैं प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उसका गलत अर्थ निकलता है।
यह बात जब प्रदेश की राजधानी रायपुर पहुंची तो यह आग की तरह पूरे प्रदेश में फैल गई लोगों ने यह बोलना प्रारंभ कर दिया अभी तो संघ के पूर्व प्रांत प्रचारक राजेंद्र जी ने ट्रेलर दिखाया है 2003 से लेकर2018 तक की भाजपा सरकार के समय के कुछ दिग्गजों की अभी पूरी पिक्चर आना बाकी है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक आदरणीय राजेंद्र जी का आरोप नक्सल समस्या 15 साल के भाजपा शासनकाल में समाप्त नहीं कर पाए यहां तक के नान अकाउंटेबल रकम आती थी उसे भी भ्रष्टाचार करके खा गए।
इसके आगे का वीडियो सामने ला रहे हैं जिसमें राजेंद्र जी स्पष्ट कह रहे हैं कि इस प्रदेश को हिंदू प्रदेश बनाना है।
सूत्र यह भी बता रहे हैं इसी बात को लेकर वर्तमान प्रदेश के कुछ नेता नई दिल्ली केंद्रीय भाजपा कार्यालय में और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास अपनी बात पहुंचाई है कि यह पता लगाया जाए कि पार्टी के पास कुल कितने फंड 15 वर्ष में जमा हुए थे और वह फंड कहां या हमारा आरोप नहीं है यह पार्टी के वर्तमान में प्रदेश के जवाबदार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस आरोप का जो अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की ओर इशारा था उन्होंने घुमा फिरा कर पूरा मामला केंद्र सरकार पर डाल दिया और अपनी प्रतिक्रिया भी दी।कहा कि उन्हें नहीं मालूम है।परंतु अब ये संदेश प्रदेश समेत देश भर में फैल चुका है वहीं राजेंद्र जी अपने स्टैंड पर कायम हैं।

डाॅक्टर रमन सिंह की इस मामले पर प्रतिक्रिया।कहा उन्हें नहीं मालूम है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

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गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

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निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।