अमरजीत भगत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें मंत्री जी सबके सामने अपने निज सचिव को गाली देकर बुलाते दिख रहे हैं!

दरअसल सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में अमरजीत भगत एक हफ्ते पहले आमजन के बीच पहुंचे तो ग्रामीणों ने इन्हे घेर लिया और अपनी समस्याओं को बताना शुरू किया! वैसे भी नेताओं को चुनाव के समय ही आमजन अधिक नज़र आते हैं!

मंत्री अमरजीत भगत अपने निज सचिव को गाली देते हुए!

जब ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई तो निज सचिव शिवपूजन अग्रहरी उर्फ़ गुल्लु वहाँ नहीं दिखे इस पर मंत्री भड़के और गाली दे डाली और कह दिया कि तू मौज करने आता है और ये बात किसी ने अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर ली!गाली देकर अमरजीत भगत हेलीकाप्टर से उड़ चले अब लोग कह रहे हैं कि हवा में रहना कहीं नेता जी को भारी न पड़ जाये वैसे भी मुकाबला इस बार सैनिक रह चुके रामकुमार टोप्पो से है!

मंत्री के निज सचिव रायपुर में ही शुरू से साथ में हैं पहले ये पूर्व विधायक स्वर्गीय गुलाब सिंह के सचिव हुआ करते थे!वैसे सबके सामने गाली खाकर गुल्लु तो हताश हुए ही मगर चुनावी समय में ये वीडियो अमरजीत भगत के लिए नकारात्मक ही साबित हो रहा है!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।