यूजीसी का नया सिलेबस, भारतीय परंपरा पर जोर; सावकर की किताब से विवाद
• यूजीसी ने उच्च शिक्षा के लिए LOCF (लर्निंग आउटकम-बेस्ड करिकुलम फ्रेमवर्क) का ड्राफ्ट जारी किया।
• उद्देश्य: शिक्षा को किताबों से आगे ले जाकर व्यावहारिक ज्ञान और जीवन कौशल से जोड़ना।
• पढ़ाई को टीचर-सेंट्रिक से लर्नर-सेंट्रिक बनाया गया।
• फील्डवर्क, लैबवर्क और असाइनमेंट पर जोर; छात्रों को 21वीं सदी के कौशल सिखाने का प्रावधान।


• हर विषय में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश।

विषय-वार बदलाव:
• केमिस्ट्री: सरस्वती वंदना और पारंपरिक पेयों का अध्ययन।
• कॉमर्स: कौटिल्य का अर्थशास्त्र, रामराज्य और CSR का संबंध।
• गणित: मंदिर वास्तुकला, यंत्र और मंडला ज्योमेट्री।
• एंथ्रोपोलॉजी: चरक और सुश्रुत के विचार।
• इतिहास: वीडी सावकर की किताब The Indian War of Independence शामिल।

विवाद और प्रतिक्रिया:
• सावकर की किताब जोड़े जाने पर SFI ने विरोध किया ।
• विपक्षी राज्यों ने इसे ‘भगवाकरण’ की कोशिश बताया।
• यूजीसी का पक्ष: नया सिलेबस शिक्षा को भारतीय दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों से समृद्ध करेगा।
• इस ड्राफ्ट पर 20 सितंबर 2025 तक सुझाव आमंत्रित।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।