राजीव श्रीवास्तव,ये नाम सुनते ही लोग अपने तनाव भूल जाते थे।सामने महफ़िल में राजीव श्रीवास्तव होते तो लोग हंसते हंसते लोट पोट हो जाते।

चाहे कोई बड्रा मंत्री हो या बड़ा शख्स राजीव श्रीवास्तव के करारे व्यंग्य से उसका सामना अपने जीवन में हुआ ही।

लालू यादव जैसे कद्दावर और दमदार नेता के सामने उन्हीं की मिमिक्री कर राजीव श्रीवास्तव ने करारा प्रहार कर ये बता दिया था कि एक कलाकार के लिए उसका देश व समाज ही बड़ा होता है।

इनके संघर्ष के साक्षी रहे भाजपा के प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने ट्वीट कर लिखा कि अपने साफ सुथरा हास्य विनोद के लिए राजीव हमेशा याद किए जायेंगे।उन्होंने हमेशा मैत्री धर्म बखूबी निभाया है।

हंसते हुए मुस्कुराते हुए,लोगों के तनाव को पव भर में विदा कर देने वाले राजीव श्रीवास्तव ने आज पितर पक्ष की एकादशी जैसी पावन तिथि पर दुनिया को अलविदा भले कह दिया।लेकिन गजोधर भैय्या जैसे किरदार में वो सदा के लिए अमर हो गए। शायद भगवान को भी अपने यहां एक ऐसी महफ़िल सजानी हो जिसमें हास्य हो विनोद हो इसलिए आज के दिन ‘हंसाने वाले देवता ‘को अपने यहां बुला लिया।

पहल की ओर से हंसी के देवता को सादर नमन।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।