अंबिकापुर,स्वच्छ शहर का रोल मॉडल आजकल चोर उचक्कों के लिए सबसे महफूज शहर बन चुका है।आलम ये कि पुलिस के छोटे मोटे कर्मचारियों की तो छोड़िए यहां एसपी बंगले से चंद कदमों की दूरी पर ही चोर आराम से चोरी कर निकल जा रहे हैं।जब एसपी बंगले के पास मुख्य चौराहे पर ही कोई पुलिस नहीं है तो गलियों,मोहल्लों की हालत कितनी दयनीय होगी इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

होटल संचालक श्यामलाल जायसवाल ने कहा कि चोरों के हौसले बुलंद हैं।पुलिस गश्ती में कमी।
सीसीटीवी में कैद चोर।सब कुछ आसानी से करते हुए,बिना डर के।

अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बीती रात जायसवाल होटल सहित दो दुकानों में एक अज्ञात चोर द्वारा चोरी करने का मामला सामने आया है। जिसमे चोरी करते हुए चोर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।जिसमे चोर ने 25 हजार से अधिक नगद पार किए। होटल के दरवाजे में लगे लॉक सहित कांच को तोड़कर नुकसान पहुँचाया है। इधर पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी का अपराध दर्ज कर चोर की पतासाजी में जुट गई है। इधर होटल संचालक ने पुलिस की गश्ती पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा अगर समय-समय पर पेट्रोलिंग की जाती तो इस तरह की घटना शहर के मुख्य चौक पर नहीं होती।

आपको बता दें कि सरगुजा पुलिस के आला अधिकारी अपनी पीठ खुद थपथपाने के लिए बीच बीच में इवेंट कराकर उसे सोशल मीडिया में तो प्रचारित करने में लगे रहते हैं।मगर हक़ीक़त ये है कि पूरे शहर और ज़िले की कानून व्यवस्था इतनी बदहाल हो चुकी है कि यहां कब क्या हो जाए इसे लेकर लोग सशंकित और भयाक्रांत ही रहते हैं।

बहरहाल अपराधी और चोरों के बढ़ते हौसले और लगातार पुलिस की बढ़ती निष्क्रियता के चर्चे यहां के पुलिस अधिकारियों की गतिविधियों पर भी एक गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।