मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्यमंत्री विजय शाह द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 28 जुलाई को सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है । इसके साथ ही मंत्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि — सार्वजनिक तौर पर मांगी क्यों नहीं मांगी ? हालांकि बाद में मंत्री के तरफ से बताया गया कि — माफी मांगी गई थी।

कोर्ट का निर्देश — 13 अगस्त को इस मामले में होगी अगली सुनवाई

13 अगस्त से पहले SIT अपनी जांच पूरी करें

Case Background Details:

याचिका की अगर बात करें तो मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने याचिका दायर की है। पिछली सुनवाई में कोर्ट के निर्देश के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई थी। जो मामले की जांच कर रही है।

दरअसल ये मामला 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक हलमा कार्यक्रम से शुरू हुआ। इस दौरान मंत्री विजय शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।