ED Source Exclusive Breaking on Jharkhand CM case :

झारखंड के मुख्यमंत्री को अब ‘ईडी’ का अर्थ समझ आने लगा है ऐसा लग रहा है।अभी इसी महीने 3 नवंबर को रांची में अपने समर्थकों के विशाल जुलूस के सामने हेमंत सोरेन ने ईडी को सीधे सीधे चुनौती देने का जो दुस्साहस किया था वो अब इन पर भारी पड़ने लगी है।

खासकर जब संजय राउत जो ईडी के फेर में पड़े और 102 दिन बाद जेल से रिहाई के बाद जिस तरह उनके सुर बदले तो अच्छे अच्छे दिग्गजों को ये समझ में आ गया कि यदि ईडी के पास पुख्ता आधार पर प्रमाण हैं तो कुछ महीनों की जेल तो प्रथम चरण में ही तय है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी को लिखा गया ख़त।

मुख्यमंत्री सोरेन की अपील को एजेंसी ईडी ने किया खारिज

ईडी से अपील थी कि – उन्हें पूछताछ के लिए 17 नवंबर के बजाय एक दिन पहले 16 नवंबर को ही पूछताछ के लिए बुला लिया जाए

ईडी द्वारा तकनीकी दिक्कतों की वजह से अपील को किया गया खारिज

ईडी के सूत्र के मुताबिक है ये खबर

17 नवंबर को ही जांच एजेंसी द्वारा हेमंत सोरेन से की जाएगी पूछताछ ।

ईडी ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP ) को लिखा ख़त

जांच एजेंसी के दफ्तर के बाहर उचित सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस पत्र में ईडी के द्वारा मांग की गई है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।