पुलिस वाले ने शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश तिवारी और इनके परिजनों से ही मारपीट की। जिससे पूरे शहर में आक्रोश है।

अंबिकापुर में एक ऐसा घटना हुई है जिससे पूरे कानून व्यवस्था में ही प्रश्न खड़ा कर दिया है।

एक छोटी सी बात पर पुलिस के आरक्षक ने वकील के बेटे को पीटना शुरू कर दिया और तो और जब इसकी ख़बर बेटे राहुल तिवारी ने अपने पिता राजेश तिवारी को दी तो वो भी बदहवास हो घटना स्थल पर पहुंचे लेकिन पुलिस के प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप ने इनसे भी मारपीट कर दी जिससे वो चोटिल हो गए इनके साथ आई इनकी पत्नी से भी प्रधान आरक्षक और उसके भाई ने धक्का मुक्की कर डाली।

घटना से भयभीत वकील ने FIR की लेकिन अभी तक संतोष कश्यप को सिर्फ लाईन अटैच किया गया है जिससे कई लोग आक्रोश में हैं और कह रहे हैं कि मवाली, गुंडों और मनचलों को तो पुलिस पीट नहीं रही  उन पर पुलिस का कोई वश नहीं है इसके उल्टे सीधे सरल व्यक्ति के साथ खुलकर गुंडागर्दी कर रही है।

पहल ने इस मामले पर एस पी राजेश अग्रवाल से बात की है जिस पर उन्होंने और कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

जब उनसे पूछा कि लाईन अटैच कर क्या पुलिस इस मामले को दबा तो नहीं रही ऐसे प्रधान आरक्षक को कड़ा दंड क्यों नहीं इस पर उन्होंने कहा है कि मामला गंभीर है हम कड़ी कार्यवाही करने जा रहे हैं।

एफ आई आर की कॉपी।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।