ईडी के द्वारा कार्यवाही लगातार जारी है। छत्तीसगढ में एक ओर कांग्रेस नेताओं से पूछताछ चल रही है वहीं झारखंड खनन घोटाले मामले में ईडी आज एक साथ 14 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को 1 मार्च 2023 को ईडी द्वारा बुलाया गया था। सूत्र यह बता रहे हैं वह दोपहर पहुंचे थे और शाम तक उनसे पूछताछ हुई।
छत्तीसगढ़ श्रम कर्मकार मंडल के अध्यक्ष सनी अग्रवाल को कल 2 मार्च को ईडी द्वारा कार्यालय में बुलाया गया था।सूत्र यह बता रहे हैं वह ईडी के कार्यालय में कल 10:30 बजे पहुंच चुके थे।

वहीं आज झारखंड खनन घोटाले पर ईडी ने ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए 14 स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन जारी रखा है।महत्वपूर्ण तथ्य ये है कि झारखंड खनन घोटाले के तार छत्तीसगढ से भी जुड़े हुए हैं।


कांग्रेस के छत्तीसगढ में श्रम कर्मकार मंडल के अध्यक्ष सन्नी अग्रवाल से पूछताछ हुई।
छत्तीसगढ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से भी पूछताछ हुई।

ED EXCLUSIVE BREAKING JHARKHAND

झारखंड खनन मामले में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एक बड़ी कार्रवाई

केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी कर रही है झारखंड के 14 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन ।

कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी चल रही है कार्रवाई।

रियायती दर पर कोयला राज्य सरकार से लेकर कई कंपनियों द्वारा उसे बेचा जाता है प्राइवेट कंपनियों को और मुनाफा बहुत अधिक कमवाने में एक सिस्टम खड़ा कर रखा है।

खनन विभाग से जुड़े कमीशनबाजी का ये मामला बेहद संगीन है जिसमें कोल कंपनी के अधिकारी कर्मचारी समेत कई कंपनियां भी इस बड़े गोरख धंधे में शामिल हैं।कोल ट्रांसपोर्टिंग करने वाली बड़ी कंपनियां भी ईडी के राडार पर हैं।

छत्तीसगढ से झारखंड की सीमा लगी हुई है , कोयले को पावर प्लांट भेजा जाता है ऐसे में छत्तीसगढ से भी इस खनन घोटाले के तार स्वस्फूर्त जुड़ते जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ का परिवहन विभाग और खनिज विभाग इस मामले में सीधे तौर पर लपेटे में आ सकता है।

कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह से अगले हफ्ते ईडी करेगी पूछताछ।

छत्तीसगढ कांग्रेस के प्रवक्ता आर पी सिंह से अगले हफ्ते ईडी पूछताछ करेगी ऐसा सूत्रों के द्वारा जानकारी मिली है।वहीं कांग्रेस के दो विधायकों से भी ईडी अगले हफ्ते पूछताछ करने वाली है।बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह के कोल स्कैम में रायपुर जेल में ईडी के द्वारा ही भीतर किए गए सूर्यकांत तिवारी से बेहद खास और कारोबारी संबंध की जानकारी भी ईडी को मिल चुकी है।

सूत्रों की मानें तो ईडी के पास एक एक कड़ी को जोड़कर इतने पुख्ता प्रमाण हाथ लगते जा रहे हैं जिससे उसके शिकंजे में आकर छूट पाना अब संलिप्त लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो चुका है।

चूंकि मामला हाई-प्रोफाइल और राजनैतिक लोगों से भी जुड़ा हुआ है इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी भी छत्तीसगढ में हर कदम फूंक-फूंक कर और प्रमाणों के साथ रखने पर लगी हुई है।

ये तो तय है कि इस कड़ी में कुछ और भी बड़े राजनैतिक लोगों के साथ साथ ईडी कुछ बड़े नौकरशाहों के विरूद्ध भी लगातार पुख्ता प्रमाण जुटाने में लगी है साथ ही कई ऐसे प्रमाण मिल भी चुके हैं जो बेहद चौंकाने वाले होंगे।

बहरहाल इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ के सत्ता व विपक्ष समेत बड़े बड़े नौकरशाहों की नज़रे ईडी के हर एक कदम पर एक ‘ रहस्य व रोमांच से भरी फ़िल्म ‘ को देखने की तरह ही टिकी हुई हैं।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।