बैंकाक से कलकत्ता आ रही फ्लाईट में भारतीय यात्रियों के मारपीट का वीडियो सामने आने पर पूरा देश शर्मसार हुआ।

बैंकाक से कलकत्ता आ रही फ्लाईट में कुछ भारतीय यात्रियों ने एक सहयात्री से मारपीट कर पूरे देश को शर्मसार कर दिया है।

एक यात्री प्लेन के टेकऑफ के समय अपनी सीट पीछे किए था उसे गाईड लाईन का बताया गया मगर उसने तकलीफ की बात कहकर सीट आगे नहीं की इस पर पीछे बैठे यात्री और उसके साथियों ने थाई एअर की फ्लाईट में ही जमकर मारपीट कर दी।

क्रू मेंबर्स चिल्लाती रहीं पर ये नहीं माने।

ये घटना 26 दिसंबर की है।

थाई स्माइल एअरवे की फ्लाईट में हुई बेहद शर्मनाक घटना का वीडियो आने पर उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का ट्वीट।

अब एक बात ये भी है कि जब फ्लाईट उड़ान भरने को थी तो उसी समय उड़ान को रोककर कार्यवाही क्यों नहीं की गई?

साथ ही ये भी कि क्या कोई भी मात्र फ्लाईट की टिकट खरीदकर उस यात्रा के योग्य है या नहीं इस पर भी बहस छिड़ चुकी है।इन यात्रियों के अभद्र व्यवहार की कटु आलोचना तो हो ही रही है साथ ही इन पर बहुत कड़ी कार्यवाही की मांग भी की जा रही है जिससे कोई भी यात्री इस तरह की हरकत को करने से पहले कई बार सोचे।

By @dmin

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।