अंबिकापुर में जिस तरह से बड़े तालाबों को भू माफिया बेख़ौफ़ पाटकर अवैध कब्जा लगातार कर रहे हैं उससे भाजपा के नेताओं और सरकार पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि जांच सीबीआई से हो तो कई सफेदपोश जेल में नज़र आएंगे।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल,सम्पादक पहल।

अंबिकापुर बस स्टैंड के पास बड़े तालाब को पाटकर करोड़ों की ज़मीन का वारा न्यारा करने का कुटिल षड्यंत्र। इस मामले को सुप्रीमकोर्ट में ले जाने पर राजस्व विभाग के कुछ बड़े लोग समेत बड़े भू माफिया भी जेल की सलाखों के पीछे हो सकते हैं।
ये बहुत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। हमारे द्वारा बनाए गए वीडियो को भी प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया जा सकता है साथ ही गूगल मैप सैटेलाइट मैप से भी दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार इसमें कुछ राजनीतिक लोग संलिप्त हैं और भरपूर कुटिलता के साथ वो दस्तावेज में जमकर हेरा फेरी किए हैं।

https://youtube.com/shorts/UHnW-0FEX7g?feature=share

सर्वविदित है कि पहल तालाबों पर अतिक्रमण के मुद्दे समेत महामाया पहाड़ पर भी अतिक्रमण के मुद्दे को लगातार उठाते रहा है।

इसी तरह रिंग रोड पर होटल पर्पल ऑर्किड के समीप भाथू पारा के बड़े तालाब को पाटकर भी कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है इसे भी हम एक साल से उठा रहे हैं लेकिन कड़ी कार्यवाही नहीं होने से इन भू माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं।

इतना ही नहीं इसके लिए बकायदा ज़मीन के कागज़ में भी व्यापक छेड़छाड़ करके कूट रचना की गई है।

इसमें राजस्व के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं वहीं स्थानीय दलाल नुमा नेता भी।

https://youtu.be/bWHq8Dp8MQs?si=IgjhSU0Lt-nVTckW

अब देखना ये है कि यहां जिस तरह से जल स्रोत को बेधड़क पाटकर भू माफिया बेशकीमती ज़मीन का बंदरबांट कर रहे हैं उस पर कितनी सख़्त कार्यवाही होगी?

https://x.com/i/status/2043268470192873604

पहल के माध्यम से ये समाचार पिछले तीन दिनों से उठाया जा रहा है।

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।