वित्त मंत्री और सरगुजा के प्रभारी मंत्री ओ पी चौधरी ने पहल के खुलासे पर संज्ञान लेते हुए पहल से बात की।

अंबिकापुर में बस स्टैंड के पास बड़े तालाब पर अवैध कब्जे के हमारे द्वारा किए खुलासे से हड़कंप मचा हुआ है। वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने पहल के खुलासे पर संज्ञान लेते हुए पहल से फोन पर बात करते हुए स्पष्ट कहा है कि “ये मामला संज्ञान में आया है जिस पर कार्यवाही के लिए कलेक्टर सरगुजा को भी बोल रहा हूं।”

मंत्री ओ पी चौधरी ने कुछ अन्य तथ्य पर भी बात की है जिसे हमने उनसे साझा किया है।

इस गंभीर मामले पर कुछ नेताओं के मिलीभगत के संकेत भी हमें मिल रहे हैं। पहल ने इस मामले पर कुछ पुराने निवासियों से भी बात की है जिस पर उन्होंने साफ़ साफ़ बताया है कि इस पर बड़ा जल स्रोत था और 1964 में इसका मुआवजा भी दिया जा चुका है ऐसे में कुछ लोग कूटरचना कर यदि ज़मीन को अपना बता उसे पाट रहे हैं तो ये सीधे सीधे सुप्रीम कोर्ट के सख़्त दिशानिर्देश का उल्लंघन का मामला भी है।

अंबिकापुर के सतेंद्र तिवारी कहते हैं “इतने सुंदर तालाब को पाटकर भू माफिया बेशकीमती ज़मीन को बेचने की तैयारी में हैं ये बहुत गंभीर विषय है।”

वहीं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध आरटीआई एक्टिविस्ट राकेश चौबे ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय को भी भेजा है जिसमें उन्होंने बताया है कि “माननीय सुप्रीम कोर्ट का एक जजमेंटल है, “पंजाब वर्सेस यूनियन गवर्नमेंट” जिसमें साफ-साफ लिखा हुआ है कोई भी व्यक्ति संस्था या सरकारें तालाब की जमीन, नदी की जमीन,नालों की जमीन, घास जमीन पर उपायीं नहीं कर सकता, उसे पूर्णतः हटाया जाना चाहिए, ऐसी जमीनों पर नक्शा पास करने वाले सरकारी एजेंसी और अधिकारी भी दोषी होंगे?”

अब सवाल ये कि अंबिकापुर में भाजपा नेताओं कि भरमार है और कई तो महत्वपूर्ण पद पर विराजमान हैं ऐसे में जब इस तरह इनका निष्क्रिय होना आमजन को भी धोखा देना है।

देखना ये है कि अब प्रशासन किस तरह कड़ी कार्यवाही करता है?

आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।