केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी द्वारा एक बड़ी कार्रवाई…वेदांता ग्रुप से जुड़े मामले में कि जा रही है सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई… ED मुख्यालय के सूत्र के मुताबिक FEMA उल्लंघन से जुड़े मामले में कि जा रही है सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई।


अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (EIL) और उससे जुड़ी समूह कंपनियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई बड़ी कार्रवाई

केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार..

मामला करीब 2000 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ा है

गिरफ्तार आरोपियों का नाम है —

  1. अतुल गुप्ता
  2. विकास गुप्ता
  3. रजनीश मित्तल
  4. अवधेश गोयल

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (EIL) और उससे जुड़ी समूह कंपनियों के खिलाफ धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एक बहुत बड़े घोटाले की जांच शुरू की थी …यह मामला करीब 2000 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ा है।

अप्रैल 2026 में दिल्ली और गुरुग्राम में अर्थ समूह के प्रमोटरों, निदेशकों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के 10 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी

इस दौरान ईडी ने करीब 6.3 करोड़ रूपये से अधिक नकद, 7.5 करोड़ रूपये के आभूषण, चांदी की सिल्लियां और महंगी लग्जरी घड़ियां जब्त कीं।

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।