अंबिकापुर में महामाया पहाड़ पर फिर शुरू हुआ अवैध अतिक्रमण। कांग्रेस पार्षद शुभम जायसवाल ने खुलकर लिया ओरिएंटल पब्लिक स्कूल का नाम। भाजपा सरकार में खुलेआम हो रहा कई जगह अतिक्रमण,राजस्व विभाग की मिलीभगत और राजनैतिक शह से हालात बेकाबू।अंबिकापुर विधायक व मंत्री राजेश अग्रवाल की निष्क्रियता से लोगों में आक्रोश।

आज जैसे ही अंबिकापुर में मां महामाया पहाड़ पर शुरू हुए अतिक्रमण का वीडियो कांग्रेस पार्षद शुभम जायसवाल ने डाला वैसे ही सोशल मीडिया पर लोग मुखर होकर विरोध करते लिखने लगे।

पहल के समाचार पर और सोशल मीडिया पर वीडियो का संज्ञान कलेक्टर अजीत बसंत ने तत्काल लिया है और पहल से स्पष्ट कहा है कि “मामला गंभीर है और इस पर कड़ी कार्यवाही करेंगे। मैने कुछ देर पहले ही राजस्व अमला और वन विभाग के DFO को ये सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि तय करें कि ये राजस्व भूमि है या वन भूमि इसके बाद इस मामले में कार्यवाही शुरू करें।”

गौरतबल है कि लगातार इस मामले के उठाए जाने और आमजन के विरोध के बाद भी यहां स्थित ओरिएंटल पब्लिक स्कूल का अड़ियल रवैया हैरान कर देने वाला है इससे अब लोग कहने लगे हैं कि कहीं न कहीं किसी सत्ताधारी नेता का भी इस मामले में संरक्षण है तभी ये इस तरह सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाने के बाद भी जिस तरह से निश्चिंत है वो संदेहास्पद है।

सवाल ये कि क्या यहां के भाजपा नेता जो दिन रात राष्ट्रीय अस्मिता की बात कर ऊंचे ऊंचे नारे देते हैं वो जब अपने ही शहर में इस तरह से दुर्दशा पर मौनी बाबा बने हुए हैं तो आमजन का सत्ता पक्ष से भरोसा कायम किस तरह करवा पाएंगे?

हमारे समाचार पर राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं बल अरुण कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट कहा है कि” किसी भी सूरत में वन भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए पहले ही विभाग के अधिकारियों को हमने चेताया है और कहीं भी कमी पाई जाएगी तो जिम्मेदार पर भी हम कड़ी कार्यवाही से पीछे नहीं हटेंगे।”

अब देखना ये है कि किस तरह से बड़े अधिकारियों की चेतावनी के बाद इनका अमला क्या कड़ी कार्यवाही करता है वहीं अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल जो अब मंत्री भी हैं इनके लचर रवैया को लेकर इस मामले में आमजन में काफ़ी आक्रोश है कि वो यहां के विधायक हैं लेकिन अभी तक इस शहर के लिए कोई ऐसा काम नहीं कर पाए हैं जिससे सरकार की छवि आमजन में अच्छी बने।

आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

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