अंबिकापुर में भेंट मुलाक़ात कार्यक्रम पर कालेज के छात्रों को कोई सुविधा नहीं देने पर दुर्घटना में घायल छात्र के चाचा जमकर भड़के।


भेंट मुलाकत कार्यक्रम में शामिल होने आये छात्र सड़क हादसे का हुए शिकार. दो बाइक की आमने सामने भिड़ंत में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई जबकि
4 छात्रों की हालत नाजुक है।गंभीर रूप से घायल एक छात्र को रायपुर रेफर करने की तैयारी हो रही है अंबिकापुर के आगे कालीघाट मोड़ के पास ये हादसा हुआ है ।भेंट मुलाकात कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर वापस लौट रहे थे छात्र. घायल छात्रों का अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज।गांधीनगर थाना क्षेत्र की घटना।

वाक़ई इस तरह के कार्यक्रम में सरकार को ज़िम्मेदारी से व्यवस्था करनी चाहिए।आश्चर्य तो ये कि कई नाबालिग छात्र अपने साधन से कार्यक्रम स्थल आए ये कहना है दुर्घटना में घायल छात्र के चाचा का जिन्होंने ये तक कह डाला कि सी एम साहब का क्या गया नुक़सान तो हमारा हुआ है भतीजे को रायपुर रेफर किया गया है कुछ होता है तो इसका ज़िम्मेदार कौन होगा? क्या इसलिए हम सरकार बनाते हैं ये बहुत गंभीर बात है इस पर हम सबको सोचना होगा।

देखना ये है कि इस मामले पर ज़िम्मेदार किसको ठहराया जाता है।जबकि ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैया तो पूरे सिस्टम का है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।

इस दुर्घटना से पक्ष व विपक्ष दोनों को बेहद गंभीर होकर इस तरह के कार्यक्रम के लिए सोचना चाहिए जिससे किसी के घर का चिराग़ इस तरह असमय न बुझे।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।