छत्तीसगढ में एक और बड़े घोटाले का जिन्न बाहर आ चुका है।इस घोटाले के जिन्न को सबक सिखाने केंद्र से तीन सदस्यीय टीम का आज रायपुर आगमन भी हो चुका है।

दरअसल छत्तीसगढ की राजनीति में धान की बंपर पैदावार होती है। धान खरीदी बिक्री का असर सीधे सीधे चुनाव पर पड़ता है। अब इस घोटाले का जिन्न बाहर आ चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने ये ख़त 12 अप्रैल 2023 को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को लिखा था। इसमें बड़े स्कैम की बात लिखी थी।
पूर्व मुख्ममंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने पूरे आंकड़े दिए हैं।केंद्र सरकार के द्वारा कोरोना काल में शुरू हुई गरीब खाद्यान्न योजना के अंतर्गत इसमें अनियमितता कईयों के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है।

अब देखना ये है कि छत्तीसगढ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का विभाग इस पर क्या कर पाता है।पिछले महीने ही ‘पहल’ ने खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के एक निज कार्यालयीन कार्य के लिए रखे सचिव भूपेंद्र यादव के द्वारा सरगुजा ज़िले में किए गए बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया था।

वहीं केंद्रीय टीम के आने की भनक लगते ही कुछ नौकरशाहों समेत खाद्य विभाग के बड़े अधिकारियों के होश बुरी तरह से उड़े हुए हैं।तय है कि ये मामला भी केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के पास जाएगा जिसमें अभी से ही दो बड़े अधिकारियों व रायपुर के कुछ प्रभावशाली नाम समेत सरगुजा संभाग के दो ज़िलों के बड़े अधिकारियों का नाम दबी जुबान पर आने शुरू हो गया है।वहीं अंदर ही अंदर खाद्य विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी अब खुलकर बोलने को तैयार बताए जा रहे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।